पहले जब मैं बेकार था तो कहा करता था कि कैसी भी नौकरी मिल जाये मुझे मंजूर होगी. ऊपर वाले के करम से आखिर नौकरी मिल गयी तो मैं उस से बेहतर नौकरी की ख्वाहिश करने लगा. बेहतर नौकरी भी मिल गयी लेकिन मन क...


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